चकराता । उत्तराखंड के जौनसार बावर मूल के राजेंद्र सिंह तोमर को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) में विभागाध्यक्ष के रूप में तीन साल का सेवा विस्तार दिया गया है, जिसके तहत वे अब सितंबर 2028 तक इस महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत रहेंगे। जौनसार बावर के बिरमऊ गांव निवासी श्री तोमर भारतीय तटरक्षक बल के पूर्व महानिदेशक रह चुके हैं और फरवरी 2020 में उन्हें भारत सरकार द्वारा NDMA में सदस्य नियुक्त किया गया था।
उनकी कार्यकुशलता और देश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदाओं के प्रबंधन में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह सेवा विस्तार प्रदान किया है। तोमर ने अपने चार दशकों के लंबे करियर में भारतीय तटरक्षक बल में सेवा दी और साढ़े तीन वर्षों से अधिक समय तक महानिदेशक रहे। वे भारतीय तटरक्षक बल में मूल कैडर से महानिदेशक पद तक पहुंचने वाले पहले अधिकारी हैं।
NDMA में विभागाध्यक्ष के रूप में उन्होंने देशभर में कोविड महामारी, भूकंप, चक्रवात और समुद्री तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन के लिए व्यापक और प्रभावशाली कार्य योजनाएँ तैयार कीं। तोमर के नेतृत्व में NDMA ने 350 जिलों में एक लाख से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को तैयार किये गये है। उत्तराखंड के 11 जिलों में आपदा प्रबंधन के तहत विशेष प्रशिक्षण और संसाधन दिए गए हैं। आगामी समय के लिए एनसीसी, भारत स्काउट गाइड एवं एनवाईकेएस आदि क्षेत्रों के ढाई लाख से अधिक स्वयंसेवक भी आपदा से निपटने के लिए तैयार किए जा रहे हैं।
तोमर का मानना है कि हर घर में कम से कम एक सदस्य को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण होना चाहिए, जिससे देश आपदा की स्थिति में अधिक सक्षम बन सके। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में सेवा विस्तार मिलने पर न केवल जौनसार बावर बल्कि पूरे उत्तराखंड वासियों ने तोमर को शुभकामनाएँ दी हैं। इस प्राधिकरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अध्यक्ष हैं राजेंद्र सिंह तोमर विभागाध्यक्ष के अलावा तीन अन्य सदस्य नियुक्त किए गए हैं। उनके नेतृत्व में देश को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

