उत्तरकाशी- साहिया विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी भारत चौहान ने कहा है कि धराली उत्तरकाशी में आयी प्राकृतिक आपदा ने चंद मिनटों में सब कुछ तबाह कर दिया है नदी परिक्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण के कारण हानि हुई है, यदि वहां पर मनुष्यों की बसावट ना होती तो, हो सकता है कि जन और धन की हानि कम होती है यही हालत जौनसार बावर के त्यूणी और साहिया के भी है जो खतरे के मुहाने पर बसा हुआ है।
उन्होंने कहा है कि जौनसार बावर के त्यूणी और साहिया में प्राकृतिक आपदा ने समय-समय पर यहां के जनमानस को अवगत कराया है और यह भी आभास कर दिया है कि यदि प्राकृतिक ने खतरनाक रूप धारण कर लिया तो इन दोनों ही स्थान पर धराली जैसे हालात भी हो सकते हैं। इसलिए पहले से ही सावधानी बरतनी चाहिए।

चौहान ने कहा कि यदि त्यूणी की बात करें तो पूरा त्यूणी टोंस नदी के दाएं और बाएं बसा हुआ है। ठीक इसी प्रकार से साहिया भी अमलाव नदि के दोनों तरफ बसा हुआ है और वहां के हालात भी
धराली जैसे ही है। प्रशासन को धराली से सीख लेते हुए त्यूणी और साहिया जैसे छोटे-छोटे शहरों को अभी से सुव्यवस्थित बसाने की ओर प्रयास किया जाना चाहिए।

