Politics – Garh Bairat https://garhbairat.com National News Portal Sun, 14 Sep 2025 11:43:40 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://garhbairat.com/wp-content/uploads/2025/02/cropped-Garh-Bairat-Logo.png-512x512-1-48x48.png Politics – Garh Bairat https://garhbairat.com 32 32 भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी- जेपी नड्डा https://garhbairat.com/bjp-is-the-largest-political-party-in-the-world-jp-nadda/ Sun, 14 Sep 2025 11:43:40 +0000 https://garhbairat.com/?p=20405

विशाखापट्टनम रैली में नड्डा ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां

विशाखापट्टनम। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने 11 वर्षों में विकास और जवाबदेह शासन की राजनीति देखी है, जबकि पिछली सरकारें सिर्फ वादे करने और उन्हें भूल जाने तक ही सीमित रहीं।

जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा आज 14 करोड़ कार्यकर्ताओं के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। उन्होंने बताया कि भारत के 20 राज्यों में राजग और 13 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, लोकसभा में पार्टी के 240 सांसद और विधानसभाओं में लगभग 1,500 विधायक हैं।

उन्होंने कहा कि पहले की राजनीति परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण पर आधारित थी, जबकि भाजपा एक वैचारिक आधार पर खड़ी पार्टी है। नड्डा ने आंध्र प्रदेश के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने अमरावती राजधानी निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपये की सहायता दी है।

राम मंदिर और सीएए का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि भाजपा ने अपने संकल्पों को निभाया है। उन्होंने याद दिलाया कि 1987 में पार्टी ने राम मंदिर निर्माण का वादा किया था, जिसे 2024 तक पूरा कर दिया गया। इसी तरह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू करके भी पार्टी ने अपने वचन को निभाया।

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“डीएमके का विकल्प केवल भाजपा” – अन्नामलाई https://garhbairat.com/the-only-alternative-to-dmk-is-bjp-annamalai/ Fri, 12 Sep 2025 09:05:32 +0000 https://garhbairat.com/?p=20328

विजय पर तंज, कहा राजनीति 24×7 की जिम्मेदारी, शनिवार-रविवार से जनता का भरोसा नहीं मिलता

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने अभिनेता और टीवीके (तमिलगा वेत्री कषगम) के संस्थापक विजय कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति केवल सप्ताहांत की गतिविधि नहीं हो सकती। अन्नामलाई का तर्क है कि विजय अगर अपनी पार्टी को डीएमके का विकल्प बताना चाहते हैं, तो उन्हें सातों दिन सक्रिय रहना होगा, क्योंकि राजनीति चौबीसों घंटे समर्पण मांगती है।

अन्नामलाई ने दावा किया कि भाजपा ही वास्तविक तौर पर डीएमके का विकल्प है, क्योंकि इसके कार्यकर्ता पूरे साल जमीनी स्तर पर सक्रिय रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी लगातार जिलों में जाकर जनसभाएं कर रहे हैं, जबकि विजय केवल शनिवार और रविवार को जनता से जुड़ते हैं।

भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि अगर टीवीके वास्तव में राज्य की वैकल्पिक ताकत बनना चाहती है, तो उसके नेता को भी गंभीरता और नियमितता के साथ राजनीति करनी होगी।

इस बीच, अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके 13 सितंबर को मरक्कदाई में बैठक करने जा रही है। माना जा रहा है कि यहीं से विजय आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। तमिलनाडु पुलिस ने बैठक को मंजूरी तो दी है, लेकिन कई शर्तों के साथ। कार्यक्रम की अवधि सिर्फ 25 मिनट होगी और किसी भी तरह के रोड शो या जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रचार सीमित दायरे में केवल तिरुचिरापल्ली तक रहेगा।

पुलिस ने साफ किया है कि रैली में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने नहीं दी जाएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, विजय का प्रचार 10:35 से 11 बजे तक ही चलेगा और वाहनों की संख्या उनके काफिले तक ही सीमित रहेगी। इसके अलावा पार्टी पदाधिकारियों के लिए पैदल मार्च या बड़े जुलूस पर पूरी तरह रोक होगी।

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भारत-पाक मैच पर गरमाई सियासत, शिवसेना ने किया कड़ा विरोध https://garhbairat.com/politics-heated-up-over-india-pakistan-match-shiv-sena-strongly-opposed/ Thu, 11 Sep 2025 07:46:03 +0000 https://garhbairat.com/?p=20289

संजय राउत का हमला—“खून और क्रिकेट साथ-साथ नहीं चल सकते”

नई दिल्ली। एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस मैच का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना देशद्रोह और बेशर्मी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रही है।

राउत ने कहा, “आपने कहा था कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बह सकते, तो फिर खून और क्रिकेट कैसे साथ-साथ चल सकते हैं? यह देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। पहलगाम हमले में हमारी 26 महिलाएं विधवा हुईं, उनका दर्द आज भी जिंदा है। फिर भी आप पाकिस्तान के साथ खेल रहे हैं। यह देशद्रोह है।”

उन्होंने साफ किया कि यह सवाल उनकी सरकार से नहीं बल्कि भाजपा, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से है कि इस फैसले में उनकी भूमिका क्या है।

प्रसारण रोकने की मांग

इससे पहले उद्धव गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी एशिया कप में संभावित भारत-पाकिस्तान मैच के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार का यह कदम राष्ट्रीय हित और जनभावना के खिलाफ है।

प्रियंका ने लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर का मकसद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब करना था। ऐसे में अब उसके साथ क्रिकेट खेलना उस संदेश को कमजोर करता है। यह निर्णय मेरी अंतरात्मा को स्वीकार्य नहीं है।”

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सोनिया गांधी पर फिर विवाद के बादल, नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज होने का आरोप https://garhbairat.com/sonia-gandhi-once-again-surrounded-by-controversy-accused-of-having-her-name-in-the-voter-list-before-getting-citizenship/ Fri, 05 Sep 2025 06:41:53 +0000 https://garhbairat.com/?p=20063

राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दायर

नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी एक बार फिर विवादों में हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में उनके खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दाखिल की गई है। आरोप है कि भारतीय नागरिकता लेने से पहले ही उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कर दिया गया था। यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बनता जा रहा है।

शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी का दावा है कि सोनिया गांधी का नाम पहली बार 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि आधिकारिक तौर पर उन्होंने अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल की। त्रिपाठी के अनुसार 1980 में नाम जुड़ने के बाद 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में दोबारा शामिल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला हो सकता है।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया की अदालत में इस शिकायत पर संक्षिप्त सुनवाई हुई। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद मामले को अध्ययन हेतु स्थगित कर दिया और अगली तारीख 10 सितंबर तय की। फिलहाल सोनिया गांधी या दिल्ली पुलिस को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि इसे संज्ञेय अपराध माना जाए और दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है, ऐसे में 1980 और 1982 में नाम दर्ज होना कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है।

यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील माना जा रहा है। विपक्ष में सोनिया गांधी हमेशा एक अहम चेहरा रही हैं। ऐसे में यह विवाद न केवल अदालत में बल्कि राजनीतिक हलकों में भी गरमा सकता है।

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प्रधानमंत्री मोदी का ‘मेगा’ फॉर्मूला अब भारत के लिए बना ‘महा सिरदर्द’- जयराम रमेश https://garhbairat.com/prime-minister-modis-mega-formula-has-now-become-a-big-headache-for-india-jairam-ramesh/ https://garhbairat.com/prime-minister-modis-mega-formula-has-now-become-a-big-headache-for-india-jairam-ramesh/#respond Wed, 27 Aug 2025 08:07:03 +0000 https://garhbairat.com/?p=19746

25% अतिरिक्त टैरिफ से भारत के निर्यात पर संकट

नई दिल्ली। अमेरिका ने बुधवार से भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया है, जो मुख्य रूप से कपड़ा, हीरे-जेवरात, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात को प्रभावित करेगा। इस कदम के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘मेगा’ फॉर्मूला अब भारत के लिए ‘महा सिरदर्द’ बन गया है।

कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ का असर श्रम-प्रधान निर्यात क्षेत्रों पर सीधे पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 24 घंटे पहले अमेरिकी वाणिज्य सचिव ने एच1बी वीजा प्रणाली पर बयान दिया, जिसका सबसे बड़ा लाभ भारतीय आईटी पेशेवरों को मिलता है।

रमेश ने मोदी द्वारा फरवरी में दिए गए ‘मागा + मिगा = मेगा’ फॉर्मूले का जिक्र करते हुए कहा कि अब वही ‘मोदी-निर्मित मेगा’ भारत के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बन गया है। उस समय मोदी ने अमेरिका दौरे के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के साथ प्रेस कांफ्रेंस में इसे एक नई साझेदारी के रूप में पेश किया था।

अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने सोमवार को मसौदा आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि यह बढ़ा हुआ टैरिफ 27 अगस्त, 2025 से अमेरिकी बाजार में आयात होने वाले भारतीय उत्पादों पर लागू होगा। 7 अगस्त को ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी जवाबी टैरिफ की घोषणा की थी, जिसे रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा कि वह किसानों, पशुपालकों और लघु उद्योगों के हितों से समझौता नहीं करेंगे और बढ़ते दबाव का सामना करेंगे।

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कांग्रेस और राहुल गांधी देश को कमजोर करने वाली ताकतों के साथ खड़े हैं – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू https://garhbairat.com/congress-and-rahul-gandhi-are-standing-with-the-forces-that-weaken-the-country-union-minister-kiren-rijiju/ https://garhbairat.com/congress-and-rahul-gandhi-are-standing-with-the-forces-that-weaken-the-country-union-minister-kiren-rijiju/#respond Sun, 24 Aug 2025 06:55:51 +0000 https://garhbairat.com/?p=19637

रिजिजू का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा- ‘खतरनाक रास्ते पर चल रहे हैं कांग्रेस नेता’

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयानों से उनकी ही पार्टी असहज हो जाती है और डरती  है कि कहीं उनके बयान कांग्रेस को नुकसान न पहुंचा दें। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश को कमजोर करने वाली ताकतों के साथ खड़े हो रहे हैं और बेहद खतरनाक रास्ते पर जा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि जॉर्ज सोरोस जैसे अंतरराष्ट्रीय तत्व भारत सरकार को अस्थिर करने के लिए एक ट्रिलियन डॉलर तक खर्च करने की बात करते हैं। कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और कई वामपंथी संगठनों में सक्रिय भारत विरोधी खालिस्तानी ताकतें देश के खिलाफ साजिश रच रही हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी इन ताकतों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पूरी तरह सुरक्षित है।

विधेयक पर चर्चा
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और गंभीर आरोपों में घिरे मंत्रियों को हटाने से संबंधित विधेयक पर रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को भी किसी छूट से बाहर रखा है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में नैतिकता को प्राथमिकता देता तो इस विधेयक का समर्थन करता।

संसद में गतिरोध पर हमला
रिजिजू ने विपक्ष पर संसद ठप करने का आरोप लगाया और कहा कि अगर सदन नहीं चलता तो इसका नुकसान विपक्ष को होगा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को संसदीय चर्चा में कोई रुचि नहीं है। कई सांसद शिकायत करते हैं कि हंगामे के कारण वे अपने क्षेत्रों की समस्याएं नहीं उठा पा रहे हैं।”

‘मेरा गला भी बैठ गया’
संसद में विपक्ष के शोर-शराबे को लेकर रिजिजू ने हल्के अंदाज में कहा, “मेरा गला भी बैठ गया है। विपक्ष को बार-बार चिल्लाकर काम करने की अपील करनी पड़ रही है।” उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सवाल पूछने की होती है, लेकिन कांग्रेस इस बुनियादी जिम्मेदारी को भी निभाने में नाकाम है।

राहुल गांधी पर दोबारा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी राहुल गांधी को उनकी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों पर फटकार लगा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान न सिर्फ गलत साबित होते हैं, बल्कि उनकी पार्टी भी इससे शर्मिंदगी उठाती है। रिजिजू ने कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष मजबूत होना चाहिए, लेकिन राहुल गांधी एक मजबूत विपक्ष तो दूर, बुनियादी कर्तव्यों को भी निभा नहीं पा रहे हैं।”

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चुनाव हारते ही ईवीएम और आयोग पर सवाल उठाना कांग्रेस की परंपरा- अनुराग ठाकुर https://garhbairat.com/it-is-congress-tradition-to-question-evm-and-commission-as-soon-as-they-lose-elections-anurag-thakur/ https://garhbairat.com/it-is-congress-tradition-to-question-evm-and-commission-as-soon-as-they-lose-elections-anurag-thakur/#respond Wed, 13 Aug 2025 13:08:28 +0000 https://garhbairat.com/?p=19291

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाये आरोपों को बताया निराधार और भ्रामक

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता चुनावी हार के बाद हमेशा नए बहाने ढूंढते हैं। ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा, “कल कुछ कांग्रेस के लोग कह रहे थे कि राहुल गांधी और विपक्ष के नेताओं ने बवंडर खड़ा किया। बवंडर नहीं, ब्लंडर है। धूल चेहरे पर थी और आप आईना साफ करते रहे।”

भाजपा सांसद ने दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस 90 से अधिक चुनाव हार चुकी है। “जब भी हार मिलती है, कांग्रेस कभी ईवीएम पर सवाल उठाती है, कभी मतदाताओं को दोषी ठहराती है। पहले कहा कि भाजपा के लिए ईवीएम में हेरफेर हुई, फिर कहा ईवीएम पर प्रतिबंध लगाओ, और अब दावा करते हैं कि मशीनों को रिमोट से हैक किया जा सकता है,”।

ठाकुर ने कांग्रेस पर इतिहास से उदाहरण देते हुए भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1952 के पहले आम चुनाव में कांग्रेस और सीपीआई ने मिलकर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराया था। “74,333 वोट खारिज हुए और अंबेडकर जी सिर्फ 14,561 वोट से हारे। कांग्रेस ने पहले ही चुनाव में चुनावी भ्रष्टाचार की नींव रखी थी,”।

भाजपा नेता ने कांग्रेस परिवार पर चुनाव आयोग और मतदाताओं को बदनाम करने की पुरानी परंपरा का आरोप लगाया। “इंदिरा गांधी ने मतदाताओं को मूर्ख कहा, राजीव गांधी ने बैलेट पेपर को दोष दिया, और अब राहुल गांधी कभी ईवीएम, कभी बैलेट पेपर की बात करते हैं,”।

ममता बनर्जी पर भी हमला बोलते हुए ठाकुर ने याद दिलाया कि 2005 में उन्होंने लोकसभा में दस्तावेज फेंककर आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के नाम हैं। “अब जब हम उस गड़बड़ी को दूर कर रहे हैं, तो वह बाधाएं खड़ी कर रही हैं। सवाल यह है कि वह तब झूठ बोल रही थीं या अब?” ठाकुर ने पूछा।

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संविधान बनाम मनुस्मृति विवाद के बीच शशि थरूर का बयान बना सियासी बहस का नया केंद्र https://garhbairat.com/shashi-tharoors-statement-becomes-the-new-center-of-political-debate-amidst-the-constitution-vs-manusmriti-controversy/ https://garhbairat.com/shashi-tharoors-statement-becomes-the-new-center-of-political-debate-amidst-the-constitution-vs-manusmriti-controversy/#respond Sun, 29 Jun 2025 07:47:22 +0000 https://garhbairat.com/?p=17847

संविधान पर संघ के बयान के बीच थरूर बोले– अब बदल चुका है RSS

थरूर के बयान से पार्टी के भीतर उठे सवाल

नई दिल्ली। देश में संविधान को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के ताज़ा बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। थरूर ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब पहले जैसे नहीं रहे और संभवतः वे अपनी पुरानी विचारधारा से आगे बढ़ चुके हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार आरएसएस-बीजेपी पर संविधान की मूल आत्मा से छेड़छाड़ के आरोप लगा रहे हैं।

सेक्युलर और सोशलिस्ट शब्दों को हटाने पर बवाल
हाल ही में आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने संविधान की प्रस्तावना से ‘सेक्युलर’ और ‘सोशलिस्ट’ जैसे शब्दों को हटाने की पैरवी की थी। इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि आरएसएस और बीजेपी ‘संविधान नहीं, मनुस्मृति चाहते हैं’ और वे बहुजन व वंचित वर्गों से उनके अधिकार छीनना चाहते हैं।

थरूर की टिप्पणी: संतुलन या विचलन?
राहुल गांधी के तीखे बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी एक ऐतिहासिक तथ्य की ओर इशारा कर रहे थे। थरूर ने कहा, “संविधान निर्माण के समय गोलवलकर जैसे नेताओं ने मनुस्मृति की झलक न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था, लेकिन मेरा मानना है कि आरएसएस अब उस सोच से आगे निकल चुका है। हालांकि उनकी मौजूदा सोच क्या है, यह वही स्पष्ट कर सकते हैं।”

पार्टी के भीतर मतभेद की आहट
थरूर की टिप्पणी कांग्रेस के भीतर ही असहमति का कारण बन गई है। पार्टी सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि जब आरएसएस खुद संविधान के मूल शब्दों को हटाने की बात कर रहा है, तब थरूर का रुख भ्रम पैदा करने वाला है। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा, “थरूर जी का सम्मान है, लेकिन यह बयान सियासी बहानेबाज़ी की तरह लगता है, जो मुद्दे को भटका सकता है।”

राजनीतिक रणनीति पर उठे सवाल
विश्लेषकों के अनुसार, थरूर ने जहां एक ओर ऐतिहासिक सच्चाई को स्वीकार किया, वहीं सीधे तौर पर आरएसएस-बीजेपी पर हमला करने से बचने की कोशिश की। कांग्रेस की आक्रामक रणनीति के बीच थरूर का यह ‘मध्यमार्गी रुख’ पार्टी के समन्वय और संदेश रणनीति पर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि कांग्रेस नेतृत्व इस आंतरिक विरोधाभास को कैसे सुलझाता है और बीजेपी इस बयान को राजनीतिक हथियार के तौर पर कैसे भुनाती है।

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राहुल गांधी का भाजपा पर बड़ा हमला, महाराष्ट्र चुनाव को बताया ‘मैच फिक्सिंग’ https://garhbairat.com/rahul-gandhis-big-attack-on-bjp-called-maharashtra-elections-match-fixing/ https://garhbairat.com/rahul-gandhis-big-attack-on-bjp-called-maharashtra-elections-match-fixing/#respond Sat, 07 Jun 2025 10:09:14 +0000 https://garhbairat.com/?p=17249

मतदाता सूची से लेकर फर्जी मतदान तक पांच चरणों में गिनाई गई चुनावी धांधलियां

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय लोकतंत्र की निष्पक्षता पर उंगली उठाई है। इस बार उनका निशाना महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव रहा, जिसे उन्होंने ‘मैच फिक्सिंग’ की तरह बताया। राहुल ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि चुनाव के दौरान पांच योजनाबद्ध तरीकों से प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

अपने लेख में उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे— चुनाव आयोग की नियुक्तियों में गड़बड़ी, फर्जी नामों की एंट्री, कृत्रिम रूप से मतदान प्रतिशत बढ़ाना, लक्षित फर्जी मतदान और अंत में सबूतों को छुपाने जैसे हथकंडे अपनाए गए।

राहुल गांधी ने सवाल किया कि अगर चुनाव इस तरह ‘प्रबंधित’ किए जाएंगे, तो लोकतंत्र पर आमजन का भरोसा कैसे बचेगा? उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे खुद तथ्यों को जांचें और जवाब मांगें।

अमेरिका में भी उठाया था चुनाव आयोग पर सवाल
राहुल गांधी पहले भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। अप्रैल 2024 में बोस्टन (अमेरिका) में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र नहीं रहा और मतदान आंकड़ों में भारी गड़बड़ी दिखी थी। उन्होंने कहा कि अंतिम दो घंटे में 65 लाख वोट गिरना संभव नहीं था।

महायुति को भारी जीत, विपक्ष की कमजोर पकड़
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा, शिंदे गुट और अजित पवार की एनसीपी वाली महायुति ने मिलकर 230 सीटों पर कब्जा किया, जबकि विपक्षी महा विकास अघाड़ी केवल 46 सीटें जीत पाई। राहुल गांधी का आरोप है कि यह जीत सामान्य जनादेश नहीं, बल्कि योजनाबद्ध हस्तक्षेप का नतीजा थी।

भविष्य की चेतावनी
राहुल गांधी ने कहा कि अगर यह ट्रेंड नहीं रुका, तो अगली बार यही मॉडल बिहार, बंगाल या अन्य राज्यों में दोहराया जाएगा। उन्होंने इसे लोकतंत्र की सेहत के लिए खतरनाक बताया।

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डीटीसी में घाटा होने पर सीएम रेखा गुप्ता ने पूर्व सरकार पर उठाए सवाल  https://garhbairat.com/cm-rekha-gupta-raised-questions-on-the-previous-government-on-the-loss-in-dtc/ https://garhbairat.com/cm-rekha-gupta-raised-questions-on-the-previous-government-on-the-loss-in-dtc/#respond Tue, 25 Mar 2025 06:38:43 +0000 https://garhbairat.com/?p=15222

नई बसों को खरीदने के लिए पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया

डीटीसी संचालन में नहीं हुआ कोई घोटाला- आप पार्टी 

दिल्ली- एनसीआर। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कामकाज पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट सदन में पेश की। उसमें डीटीसी में घाटा होने पर पूर्व सरकार पर सवाल भी उठाए।

उन्होंने कहा कि नई बसों को खरीदने के लिए पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। यह कैग रिपोर्ट 2015-16 से 2021-22 की अवधि को कवर करती है। पूर्व की आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में लंबित इस रिपोर्ट को विधानसभा में रखने की भाजपा विधायक लंबे समय से मांग कर रहे थे।
कैग की ऑडिट रिपोर्ट में पाया गया की डीटीसी ने कोई व्यवसाय योजना या परिप्रेक्ष्य योजना तैयार नहीं की। अपने घाटे को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न भौतिक और वित्तीय मापदंडों के संबंध में लक्ष्य निर्धारित करने के लिए दिल्ली सरकार के साथ कोई समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किया गया। बसों का रुट 814 से घटकर 468 हो गया। इससे सरकार को 2015 से 2022 तक करीब 14000 करोड़ का घाटा हुआ। 3697 बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रोजेक्ट पर सरकार ने 52 करोड़ खर्च किया, लेकिन यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका। डीटीसी घाटे में होने के बावजूद क्लस्टर बसों के ऑपरेटरों से 225 करोड़ रुपये का किराया वसूल नहीं किया गया।

लगातार चलता रहा घाटे का सिलसिला

लेखापरीक्षा से पता चलता है कि निगम लगातार वित्तीय घाटे और परिचालन अक्षमताओं से जूझ रहा है। 31 मार्च 2022 तक डीटीसी के पास 36 डिपो में 3,762 बसों का बेड़ा था, जो प्रतिदिन औसतन 15.62 लाख यात्रियों को सेवा देता था और 2021-22 में इसका टर्नओवर 660.37 करोड़ रहा। इसके बावजूद उसी वर्ष निगम को 8,498.35 करोड़ का घाटा हुआ, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से लिए गए ऋणों पर 8,375.92 करोड़ का ब्याज बोझ प्रमुख कारण रहा।

बेड़े के प्रबंधन में खामियां

रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक तथ्य यह रहा है कि डीटीसी के बस बेड़े में कमी रही है। यह 2015-16 में 4,344 से घटकर 2022-23 तक 3,937 हो गया। सरकार से फंड उपलब्ध होने के बावजूद निगम 2021-22 और 2022-23 में केवल 300 इलेक्ट्रिक बसें ही खरीदी। बेड़े में वृद्धि में देरी के कारण ऑपरेटरों पर 29.86 करोड़ का जुर्माना नहीं लगाया गया। पुरानी लो-फ्लोर बसों की संख्या 2015-16 में 0.13% (5 बसें) से बढ़कर 31 मार्च 2023 तक 44.96% (1,770 बसें) हो गई, जिससे खराबी और सेवा विश्वसनीयता में कमी आई।

परिचालन और योजना में कमियां

कैग ने डीटीसी की व्यावसायिक या दीर्घकालिक योजना के अभाव की भी बात कही है। मार्ग योजना में भी कमी रही। 31 मार्च 2022 तक 814 में से केवल 468 मार्ग (57%) ही संचालित थे, और कोई भी मार्ग परिचालन लागत वसूल नहीं कर सका। निर्धारित किलोमीटर 7.06% से 16.59% तक छूटे, और प्रति 10,000 किलोमीटर पर बसों की खराबी 2.90 से 4.57 के बीच रही, जिससे सात वर्षों में 668.60 करोड़ का संभावित राजस्व नुकसान हुआ। तकनीकी उन्नयन जैसे स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली (एएफसीएस) और सीसीटीपी कैमरों का सिस्टम भी अधर में लटके हैं। दिसंबर 2017 में शुरू हुआ एएफसीएस मई 2020 से निष्क्रिय है, जबकि मार्च 2021 तक 3,697 बसों में 52.45 करोड़ की लागत से लगाया गया सीसीटीवी कैमरे मई 2023 तक कार्यात्मक नहीं हो सका।

डीटीसी ने कई बार राजस्व कमाने की अवसर गवाएं

डीटीसी के पास किराया संशोधन का अधिकार नहीं है, जो आखिरी बार तीन नवंबर 2009 को तय किया गया था। इससे यह सरकार की सब्सिडी पर निर्भर है। परिवहन विभाग से क्लस्टर बस संचालन के लिए 225.31 करोड़ और संपत्ति कर में 6.26 करोड़ रुपये बकाया हैं। विज्ञापन अनुबंधों में देरी और डिपो स्थानों के व्यावसायिक उपयोग में विफलता से राजस्व के अवसर खो गए। डीटीसी में मानव संसाधन प्रबंधन भी कमजोर रहा है। 30,591 कर्मचारियों के साथ डीटीसी ने 2013 के बाद अपनी स्टाफिंग नीति में संशोधन नहीं किया, जिससे कर्मचारी तैनाती में असंतुलन पैदा हुआ।

जवाबदेही की मांग

लेखापरीक्षा में आंतरिक नियंत्रण, प्रबंधकीय निगरानी और जवाबदेही की कमी को रेखांकित किया गया है। निविदाओं में देरी, कमजोर परिचालन नियंत्रण और बकाया वसूली में ढिलाई ने निगम को नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बढ़ती आबादी के साथ राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में डीटीसी का पुनरुद्धार जरूरी है।

डीटीसी को पटरी पर लाने के लिए इस पर अमल होना जरूरी

उद्योग मानकों के अनुरूप अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाई जाए।
विज्ञापन और भूमि के व्यावसायिक उपयोग से गैर-यातायात राजस्व बढ़ाया जाए।
सड़क योग्य बसों की संख्या सुनिश्चित हो।
लोड फैक्टर और मार्गों की समय-समय पर समीक्षा करने की जरूरत है।
डिम्टस के साथ प्रदर्शन अंतर का विश्लेषण और सुधार की जरूरत।
मैन पावर के उपयोग के लिए डीटीसी की कार्मिक नीति की समीक्षा की जानी चाहिए और उनकी नियुक्ति और तैनाती के लिए उचित तंत्र होना चाहिए।

पढ़े डीटीसी संचालन को लेकर क्या बोली आप पार्टी 

आम आदमी पार्टी का कहना है कि कैग रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि डीटीसी के संचालन में कोई घोटाला या भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। भाजपा ने 2021 में एक हजार नई लो-फ्लोर बसों की खरीद में घोटाले का झूठा आरोप लगाया। उसके बाद एलजी ने सीबीआई जांच का आदेश दिया और अधिकारियों को प्रस्ताव को स्थगित करने के लिए मजबूर किया। सालों तक भाजपा ने दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को बंधक बनाकर रखा, जिससे लोगों को बेहतर सेवाओं से वंचित रखा गया। उन्हें इसके लिए दिल्ली के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
कैग रिपोर्ट से यह भी पुष्टि होती है कि आप सरकार ने पिछले 10 वर्षों से किराये में बढ़ोतरी को रोककर और महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देकर किफायती सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित किया। देश भर में एक भी भाजपा राज्य ऐसा करने में कामयाब नहीं हुआ है। भाजपा सरकार इन दोनों उपायों को उलटने की योजना बना रही है।

कैग रिपोर्ट से भाग रही है आम आदमी पार्टी : वीरेंद्र सचदेवा

प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा का सत्र शुरू होते ही उसके नेता बेबुनियाद मुद्दे उठाकर सदन से भाग गए। इसके पीछे उनका उद्देश्य कैग रिपोर्ट से बचना था। सचदेवा ने कहा कि सोमवार को जब दिल्ली सरकार ने डीटीसी से जुड़ी लंबित कैग रिपोर्ट पेश की तो आम आदमी पार्टी के नेता बौखला गए और आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने लगे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कैग की ताजा रिपोर्ट में डीटीसी घोटाले को उजागर किया गया है, जिसमें खुद पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की सीधी संलिप्तता थी। पूर्व की सरकार मनगढ़ंत आंकड़े पेश कर जनता को गुमराह करती रही।

कैग रिपोर्ट पर कार्यवाही में देरी पर विस अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को विधानसभा में कैग रिपोर्ट पर खुलासा किया। उसमें कहा कि कैग रिपोर्ट पर पिछले दस वर्षों में आम आदमी पार्टी के शासन में विधानसभा की लोक लेखा समिति और सरकारी उपक्रम समिति ने जांच कर कोई रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत नहीं की। वहीं प्रशासनिक विभागों ने रिपोर्ट के पैरा पर कोई एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश नहीं की, जबकि यह तीन महीने के भीतर प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।
विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि महालेखाकार (ऑडिट) रोली शुक्ला ने 21 मार्च को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रशासनिक विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि एक्शन टेकन रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत न करने के मामले में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर विभाग कैग की रिपोर्ट पर समय पर जवाब नहीं देते हैं तो इससे ऑडिट की पूरी प्रक्रिया निष्प्रभावी हो जाती है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के व्यय विभाग ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ बनाया है। इसके अलावा, एक वेब-आधारित प्रणाली ऑडिट पैरा मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया है, जिससे सभी रिपोर्टों पर की निगरानी की जाती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और अनावश्यक कागजी कार्यवाही समाप्त होती है। जबकि दिल्ली में अभी तक यह कार्य मैन्युअल रूप से किया जा रहा है, जिससे समय की बर्बादी होती है और कार्यवाही में अनावश्यक देरी होती है। महालेखाकार ने दिल्ली में भी यह प्रणाली लागू करने की सिफारिश की थी, लेकिन इस पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि कैग रिपोर्टों पर कार्रवाई की निगरानी के लिए इस प्रणाली जल्द से जल्द लागू किया जाए। उन्होंने वित्त विभाग को अप्रैल 2025 के पहले सप्ताह तक इस संबंध में एक स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
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