Garh Bairat – Garh Bairat https://garhbairat.com National News Portal Mon, 30 Jun 2025 14:17:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.8.2 https://garhbairat.com/wp-content/uploads/2025/02/cropped-Garh-Bairat-Logo.png-512x512-1-48x48.png Garh Bairat – Garh Bairat https://garhbairat.com 32 32 अपर सचिव अतर सिंह सेवानिवृत्त, लोगों ने कहा “आप जैसा कोई नहीं” https://garhbairat.com/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5/ https://garhbairat.com/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5/#respond Mon, 30 Jun 2025 14:17:53 +0000 https://garhbairat.com/?p=17892

30 जून। देहरादून (गढ़ बैराट न्यूज़) उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ और लोकप्रिय प्रशासनिक अधिकारी अतर सिंह आज 36 वर्षों की निष्कलंक सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हो गए। उनके विदाई के अवसर पर सचिवालय में भावुक माहौल देखने को मिला। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी ने उन्हें आदरपूर्वक शुभकामनाएँ दीं और कहा – “आप जैसा कोई नहीं”।
जौनसार-बावर के प्रसिद्ध राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले अतर सिंह, पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह के छोटे भाई हैं। लेकिन उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन में कभी भी पारिवारिक या राजनीतिक प्रभाव का उपयोग नहीं किया। शासन में उन्होंने सदैव ईमानदारी, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी।
फाइलों की भीड़ नहीं, फैसलों की गति थी पहचान – सचिवालय में अतर सिंह उन अधिकारियों में गिने जाते थे जिनके टेबल पर फाइलों का ढेर नहीं देखा जाता था। विभागीय फाइल आते ही वे उसका त्वरित निस्तारण कर आगे बढ़ा देते थे। सचिवालय में लोग यह कहते नहीं थकते कि “पहली चाय अतर सिंह जी के कार्यालय से ही मिलती है”, क्योंकि जौनसार-बावर से आने वाले आमजन अक्सर उनके पास सलाह और सहयोग के लिए पहुँचते थे।
जनसेवा के लिए पद नहीं, भावना थी प्राथमिकता – अतर सिंह ने एक वर्ष पूर्व ही स्वेच्छा से शासकीय विशेषाधिकारों से दूर रहना प्रारंभ कर दिया था। उनका मानना था कि “सरकारी सुविधाभोग जीवन की आदत नहीं बननी चाहिए।” ग्रामीण प्रवास या पारिवारिक यात्राओं में उन्होंने कभी भी सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया। वे निर्णय प्रक्रिया में बेहद सजग और विवेकशील माने जाते थे। यदि किसी प्रस्ताव में जनहित स्पष्ट नहीं होता, तो वे बिना भय या संकोच के उसका विरोध करते थे और तब तक चर्चा करते रहते जब तक हर पहलू स्पष्ट न हो जाए।
एक प्रेरणास्रोत प्रशासक की विदाई
उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड राज्य गठन तक, अतर सिंह ने कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ काम किया। उन्होंने राज्य की कार्य संस्कृति को नई दिशा दी, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ स्मरण करेंगी। उनकी सेवानिवृत्ति पर सचिवालय परिसर में हर कोई भावुक दिखा। अधिकारी, कर्मचारी और आमजन—सभी ने उनके सरल स्वभाव, कर्मनिष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पण को सराहा।
सेवानिवृत हुए अतर सिंह भी सभी को विनम्रता से धन्यवाद देते हुए मंद मंद मुस्कान के साथ आगे बढ़ते चले गए, अपने जीवन की महत्वपूर्ण 36 वर्ष की यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर संतोष और जीवन के सुखद अनुभव को लेकर सचिवालय से जाखन स्थित अपने घर ओर प्रस्थान किया।

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चारधाम यात्रियों की संख्या में हो रहा है इजाफा- महाराज https://garhbairat.com/the-number-of-chardham-pilgrims-is-increasing-maharaj/ https://garhbairat.com/the-number-of-chardham-pilgrims-is-increasing-maharaj/#respond Thu, 15 May 2025 12:16:57 +0000 https://garhbairat.com/?p=16842

आदि कैलाश यात्रा के लिए जारी हुए 3256 इनरलाईन परमिट

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि चारधाम यात्रा सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से चल रही है। देश-विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों में भी पर्यटकों की संख्या लगातार वृद्धि हो रही है।

महाराज ने बताया कि भारत-पाक संघर्ष विराम के बाद अब हालात सामान्य होने पर एक बार पुनः चारधाम यात्रा को लेकर श्रृद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। सीजफायर के बाद अब एक फिर से चारधाम यात्रा को लेकर लोगों ने अपनी बुकिंग करवानी शुरू कर दी है। बुकिंग शुरू होने से टूर एवं ट्रेवेल्स इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भी राहत मिली है। प्रयागराज से हरिद्वार, ऋषिकेश एवं देहरादून जाने वाली ट्रेनों में भी प्रतीक्षा सूची बढ़ गई है।

30 अप्रैल 2025 से प्रारम्भ हुई चारधाम यात्रा के पंजीकरण के तहत अभी तक ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण के तहत 29 के लगभग यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। जबकि 8 लाख के लगभग श्रद्धालु अभी तक धामों में दर्शनों का लाभ उठा चुके हैं। इसके अलावा जीएमवीएन के गेस्ट हाऊसों की बुकिंग के आधार पर कहा जा सकता है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु अब चारधाम का रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 से शुरू हुई जीएमवीएन गेस्ट हॉउसों की ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग के तहत अभी तक कुल 12,68,55,745 (बारह करोड़ अड़सठ लाख पचपन हजार सात सौ पैंतालीस) रुपये से अधिक की बुकिंग की जा चुकी है।

महाराज ने बताया कि आदि कैलाश व ओमपर्वत की यात्रा भी 02 मई 2025 से प्रारम्भ हो चुकी है। इसमें अब तक 3256 इनरलाईन परमिट जारी किये जा चुके हैं। जबकि 05 वर्षों के अंतराल के पश्चात कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून 2025 को दिल्ली से प्रारम्भ हो रही है। यात्रा में इस वर्ष कुल 250 यात्री प्रतिभाग कर सकेंगे। अंतिम बार यह यात्रा वर्ष 2019 में संचालित हुई थी। कोरोना महामारी के कारण इस यात्रा का संचालन नहीं हो सका।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा में 50-50 यात्रियों के कुल 05 दल जायेगें, प्रथम दल 10 जुलाई को लिपुलेख पास से होते हुए चीन में प्रवेश करेगा, अंतिम यात्रा दल 22 अगस्त को चीन से भारत लौटेगा। यात्रा का संचालन कुमायूँ मण्डल विकास निगम नैनीताल द्वारा किया जायेगा। इस बार यात्रा रूट टनकपुर से धारचूला होते हुए कैलाश मानसरोवर जायेगा तथा चौकोडी होते हुए अल्मोडा से वापसी करेगा, यात्रा हेतु यात्रियों का मेडिकल परीक्षण दिल्ली में ही किया जायेगा।

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यात्रा मार्ग पर 25 स्थानों पर मिल रही ई चार्जिंग की सुविधा https://garhbairat.com/e-charging-facility-is-available-at-25-places-on-the-travel-route/ https://garhbairat.com/e-charging-facility-is-available-at-25-places-on-the-travel-route/#respond Thu, 15 May 2025 10:43:07 +0000 https://garhbairat.com/?p=16839

ग्रीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल

श्रीनगर। चारधाम यात्रा को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए, प्रदेश सरकार ने इस यात्रा सीजन से 25 स्थानों पर ई व्हीकल चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध करा दी है।
इससे यात्रा में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बार चारधाम यात्रा को ग्रीन यात्रा की थीम पर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में परिवहन विभाग (28)और टीएचडीसी (10)के सहयोग से चारधाम यात्रा मार्ग पर 38 ई व्हीकल चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इसमें से यात्रा शुरू होने तक 25 स्टेशन शुरु किए जा चुके हैं, जहां यात्री आसानी से अपने ई व्हीकल को चार्ज करवा रहे हैं। ज्यादातर चार्जिंग स्टेशन जीएमवीएन की प्रापर्टी में स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक स्टेशन पर 60 किलोवाट क्षमता के यूनिवर्सल चार्जर लगाए गए हैं, जिनमें 30-30 किलोवाट की दो चार्जिंग गन शामिल हैं। जीएमवीएन के एमडी विशाल मिश्रा ने बताया कि ग्रीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए मुख्य पड़ावों पर ई-चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की गई है, ताकि यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित हो सकें। अकेले जनपद रुद्रप्रयाग में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित चार जीएमवीएन गेस्ट हाउसों पर चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप इस वर्ष चारधाम यात्रा को हरित यात्रा के रूप में आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में यात्रा मार्ग पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि उत्तराखंड को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में भी एक सार्थक कदम साबित होगी। सरकार का उद्देश्य है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण, रेस्पॉन्सिबल टूरिज्म और हरित पर्यटन को नई दिशा दी जा सके।

पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड

यहां हैं ई चार्जिंग स्टेशन

उत्तरकाशी, हरिद्वार, ऋषिकेश, मंगलौर, रुड़की, बड़कोट, स्यानाचट्टी, फूलचट्टी, जानकीचट्टी, कौडियाला, श्रीनगर, श्रीकोट, गौचर, कर्णप्रयाग, गैरसैंण, कालेश्वर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, औली, पांडुकेश्वर बद्रीनाथ, स्यालसौड़, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, घनसाली आदि।

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चुनाव में पारदर्शिता के लिए आयोग सख्त, व्यय विवरण न देने वालों पर होगी कार्रवाई https://garhbairat.com/commission-is-strict-for-transparency-in-elections-action-will-be-taken-against-those-who-do-not-give-expenditure-details/ https://garhbairat.com/commission-is-strict-for-transparency-in-elections-action-will-be-taken-against-those-who-do-not-give-expenditure-details/#respond Thu, 15 May 2025 09:41:09 +0000 https://garhbairat.com/?p=16836

अब पंचायत चुनाव में भी होगा खर्च का हिसाब-किताब

देहरादून। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से इस बार चुनावी खर्च पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं और जिलावार पर्यवेक्षक नियुक्त किए जा रहे हैं ताकि प्रत्येक प्रत्याशी के खर्च का सटीक हिसाब रखा जा सके।

राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में खर्च की सख्त निगरानी का निर्णय लिया है। आयोग के अनुसार, इस बार जिलावार पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे जो प्रत्येक प्रत्याशी के व्यय का मिलान करेंगे और उसका विस्तृत ब्योरा एकत्र करेंगे। निकाय चुनाव की तर्ज पर जिन प्रत्याशियों ने खर्च का विवरण नहीं दिया, उनके खिलाफ पहले से कार्रवाई जारी है। अब पंचायत चुनाव में भी उसी तरह की सख्ती बरती जाएगी।

आयोग के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि इस बार केवल पर्यवेक्षक ही नहीं, बल्कि जिलास्तर पर भी व्यय की रिपोर्टिंग पर नजर रखी जाएगी। सभी प्रत्याशियों से अपेक्षा की गई है कि वे तय सीमा के भीतर ही खर्च करें। खास बात यह है कि इस बार विभिन्न पदों के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा में वृद्धि की गई है।

इस बार चुनाव खर्च सीमा में ये हुए हैं बदलाव

पद पहले की सीमा संशोधित सीमा
सदस्य, ग्राम पंचायत ₹10,000 ₹10,000
उप प्रधान ₹15,000 ₹15,000
प्रधान ₹50,000 ₹75,000
सदस्य, क्षेत्र पंचायत ₹50,000 ₹75,000
सदस्य, जिला पंचायत ₹1,40,000 ₹2,00,000
कनिष्ठ उप प्रमुख ₹50,000 ₹75,000
ज्येष्ठ उप प्रमुख ₹60,000 ₹1,00,000
प्रमुख, क्षेत्र पंचायत ₹1,40,000 ₹2,00,000
उपाध्यक्ष, जिला पंचायत ₹2,50,000 ₹3,00,000
अध्यक्ष, जिला पंचायत ₹3,50,000 ₹4,00,000
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क्या आप भी करते हैं गर्मियों में अधिक आम का सेवन, अगर हां, तो जान लीजिये इसके नुकसान   https://garhbairat.com/do-you-also-consume-more-mangoes-in-summers-if-yes-then-know-its-disadvantages/ https://garhbairat.com/do-you-also-consume-more-mangoes-in-summers-if-yes-then-know-its-disadvantages/#respond Thu, 15 May 2025 09:07:14 +0000 https://garhbairat.com/?p=16833

गर्मियों का मौसम आते ही आम की मिठास हर किसी को लुभाती है। ‘फलों का राजा’ कहलाने वाला आम न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। आम में फाइटोन्यूट्रिएंट्स, विटामिन-सी, विटामिन-ए, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो इम्युनिटी को मजबूत करते हैं और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक मात्रा में आम खाने से पेट की समस्याएं, ब्लड शुगर में वृद्धि और अन्य स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। इसके अलावा, केमिकल से पके आम खाने से टॉक्सिसिटी का खतरा भी बढ़ सकता है। आइए जानते हैं ज्यादा आम खाने के क्या नुकसान हैं, साथ ही ये भी जानेंगे कि आम खरीदने से पहले क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

ज्यादा आम खाने के नुकसान-

पाचन संबंधी समस्याएं-
आम में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो सामान्य मात्रा में पाचन के लिए फायदेमंद है। लेकिन ज्यादा आम खाने से डायरिया, पेट में ऐंठन, गैस या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर, अगर इसे खाली पेट या रात में खाया जाए, तो पाचन तंत्र तो प्रभावित कर सकता है।

ब्लड शुगर में वृद्धि
आम में प्राकृतिक शर्करा अधिक होती है। अधिक मात्रा में आम खाने से ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है। सामान्य लोगों में भी अधिक आम खाने से यह थकान या चक्कर का कारण बन सकता है।

केमिकल से पकने का खतरा
बाजार में बिकने वाले कई आम केमिकल की मदद से पकाए जाते हैं। इसके लिए कैल्शियम कार्बाइड (CaC2) जैसे हानिकारक रसायन का इस्तेमाल होता है, जो पानी के साथ मिलकर एसिटिलीन गैस रीलीज होता है। यह गैस फलों को जल्दी पकाने में मदद करती है, लेकिन इसे खाने से टॉक्सिसिटी, त्वचा की समस्याएं, पेट में जलन, और गंभीर मामलों में पॉइजनिंग या किडनी फेलियर का खतरा हो सकता है।

आम खाने से पहले जरूरी सावधानियां-

बाजार से लाए गए आम को कम से कम 2 घंटे पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद, बहते पानी में अच्छी तरह धोकर ही खाएं। यह आम के उपरी परत पर लगे केमिकल और कीटाणुओं को हटाने में मदद करता है।
एक दिन में 1-2 मध्यम आकार के आम पर्याप्त हैं। डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करें।

सुबह खाली पेट आम खाने से पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए खाली पेट आम खाने से बचना चाहिए।
ऐसे आम खरीदें जो प्राकृतिक रूप से पके हों। केमिकल से पके आम की पहचान उनके असमान रंग से की जा सकती है।
कुछ लोगों को आम खाने से एलर्जी, जैसे त्वचा पर चकत्ते या खुजली, हो सकती है। अगर ऐसा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।]

(साभार)

 

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भारत का रक्षा निर्यात नई ऊंचाइयों पर, आत्मनिर्भरता बनी सफलता की कुंजी- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह https://garhbairat.com/indias-defense-exports-reach-new-heights-self-reliance-is-the-key-to-success-defense-minister-rajnath-singh/ https://garhbairat.com/indias-defense-exports-reach-new-heights-self-reliance-is-the-key-to-success-defense-minister-rajnath-singh/#respond Thu, 15 May 2025 05:45:02 +0000 https://garhbairat.com/?p=16830

‘मेक इन इंडिया’ और सरकारी नीतियों से वैश्विक बाजार में बढ़ी भारत की पकड़

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जानकारी दी है कि भारत ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में अब तक का सबसे ऊंचा मुकाम हासिल कर लिया है। उन्होंने बताया कि बीते दस वर्षों में रक्षा निर्यात में 34 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में रक्षा मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत ने 23,622 करोड़ रुपये मूल्य के रक्षा उत्पादों का निर्यात किया, जबकि वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा मात्र 686 करोड़ रुपये था। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस सफलता के पीछे भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की स्पष्ट रणनीति है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों के तहत सरकार ने कई योजनाओं को लागू किया है, जिनमें उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाएं भी शामिल हैं। इनका उद्देश्य भारतीय रक्षा उत्पादों को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, निर्यात को प्रोत्साहित करना और आयात पर निर्भरता को कम करना है।

सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के प्रभाव से रक्षा उत्पादन ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुका है। इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों और निवेशकों को मिला है, जिससे इन कंपनियों में बाहरी निवेश भी बढ़ा है। साथ ही, सरकार रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण में लगातार निवेश कर रही है, जिसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत के साथ तकनीकी साझेदारी में रुचि दिखाई है।

80 देशों तक पहुंचा भारतीय रक्षा उत्पादों का प्रभाव
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष में भारत ने करीब 80 देशों को गोला-बारूद, हथियार, प्रणालियां और उनके कलपुर्जे निर्यात किए हैं।

2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य
सरकार ने आगामी वर्षों में रक्षा निर्यात को और विस्तार देने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2029 तक भारत 50,000 करोड़ रुपये मूल्य के रक्षा उत्पादों के वार्षिक निर्यात का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में भारत की उपस्थिति और मजबूत होगी।

पड़ोसी संघर्षों ने दिखाई आत्मनिर्भरता की आवश्यकता
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ हुए संघर्षों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना कितना जरूरी है।

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एक लाख की रिश्वत के साथ आईएसबीटी चौकी प्रभारी गिरफ्तार https://garhbairat.com/isbt-chowki-incharge-arrested-with-bribe-of-one-lakh/ https://garhbairat.com/isbt-chowki-incharge-arrested-with-bribe-of-one-lakh/#respond Thu, 15 May 2025 05:34:41 +0000 https://garhbairat.com/?p=16827

भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएम धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई

धामी सरकार का 1064 विजिलेंस टोल फ्री नंबर बना प्रदेशवासियों के लिए वरदान

देहरादून।  उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा चलाए जा रहे सख्त अभियान के अंतर्गत एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने देहरादून स्थित पटेलनगर थाना क्षेत्र के आईएसबीटी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक देवेन्द्र खुगशाल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

शिकायतकर्ता द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि एक भूमि विवाद की जांच चौकी प्रभारी के पास लंबित है, जिसमें उन्होंने गैंगस्टर एक्ट लगाने की धमकी देकर पाँच लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। सतर्कता अधिष्ठान ने गुप्त जांच के बाद तत्परता से जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया। पिछले तीन सालों में अब तक 150 से ज्यादा आरोपियों को धामी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भेज चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प पर दृढ़ है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता का शोषण करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जनता को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।

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आईटीडीए को मजबूत करने के निर्देश, भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर सिस्टम अपग्रेड का आह्वान https://garhbairat.com/instructions-to-strengthen-itda-call-for-system-upgrade-keeping-in-mind-future-needs/ https://garhbairat.com/instructions-to-strengthen-itda-call-for-system-upgrade-keeping-in-mind-future-needs/#respond Thu, 15 May 2025 04:42:35 +0000 https://garhbairat.com/?p=16824

एसडीसी 2.0 जल्द होगा तैयार, डेटा संग्रहण क्षमता में होगी बड़ी बढ़ोतरी

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सूचना प्रोद्योगिकी विभाग की समीक्षा की। बैठक के दौरान सचिव आईटीडीए ने प्रदेशभर में संचालित प्रोजेक्ट्स एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य सचिव ने आईटीडीए को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, सिस्टम अपग्रेड करते समय अगले 5-7 सालों की आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि आईटीडीए द्वारा हाईब्रिड मॉडल (एसडीसी और क्लाउड) अपनाने के साथ ही लगातार अपनी क्षमता को बढ़ाया जाए। आईटीडीए को मजबूत करने के साथ ही विभागों द्वारा अपनी वेबसाईट्स एवं ऐप्लीकेशंस को विकसित करने का कार्य आईटीडीए के माध्यम से कराए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विभागों को क्लाउड सेवा भी आईटीडीए के माध्यम से उपलब्ध करायी जाए।

मुख्य सचिव ने ऐसे विभागों, जिन्हें अपने दैनिक कार्यों के लिए अत्यधिक डाटा संग्रहण करना होता है, द्वारा अपनी अपेक्षित स्टोरेज की आवश्यकता के संबंध में आईटीडीए को अवगत कराया जाए। ताकि आईटीडीए अपेक्षित स्टोरेज क्षमता को परिकलित कर सके। उन्होंने आईटीडीए को अपनी इंस्टीट्यूशनल मैमोरी भी बढ़ाए जाने की बात कही। कहा कि इंस्टीट्यूशनल मैमोरी के होने से किसी विशेषज्ञ के जाने के बाद सिस्टम बंद नहीं होगा।

निदेशक नितिका खण्डेलवाल ने बताया कि आईटीडीए द्वारा एसडीसी को वर्ष 2018 में स्थापित किया गया है। एसडीसी 2.0 शीघ्र ही तैयार हो जाएगा जिससे आईटीडीए की डाटा संग्रहण क्षमता बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपद और ब्लॉक मुख्यालय स्वान नेटवर्क से 100 प्रतिशत परिपूर्ण हैं। साथ ही, 2036 ऑफिस स्वान नेटवर्क से जुडे़ हैं। साईबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में सिस्टम को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। आईटीडीए द्वारा इन-हाउस सॉफ्टवेयर डेवेलपमेंट का कार्य भी बेहतर तरीके से चल रहा है। आईटीडीए द्वारा यूसीसी, पीएम गतिशक्ति उत्तराखण्ड, चारधाम डैशबोर्ड, सीएम हेल्पलाईन, ई-ऑफिस एवं अपुणी सरकार पोर्टल को तैयार एवं संचालित किया जा रहा है।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, बृजेश कुमार संत एवं अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक  https://garhbairat.com/cabinet-minister-ganesh-joshi-held-a-meeting-with-the-officials-of-the-irrigation-department/ https://garhbairat.com/cabinet-minister-ganesh-joshi-held-a-meeting-with-the-officials-of-the-irrigation-department/#respond Wed, 14 May 2025 11:51:29 +0000 https://garhbairat.com/?p=16821

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को देहरादून स्थित अपने कार्यालय में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मसूरी विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।

बैठक में मंत्री जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा जो अभी लंबित हैं। कैबिनेट मंत्री ने गढ़ी डाकरा, सेरकी, सहस्त्रधारा और शेरागांव जैसे क्षेत्रों में जल निकासी, सुरक्षा दीवारों और आरसीसी पाइप सहित बाढ़ सुरक्षा से संबंधित निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने यह भी कहा कि जो प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं, उनकी शीघ्र स्वीकृति के लिए लगातार फालोअप किया जाए ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के समयबद्ध रूप से संपन्न हो सके।

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दुश्मनों के ठिकानों को तबाह करने में नाविक सैटेलाइट की भूमिका महत्वपूर्ण- महाराज https://garhbairat.com/the-role-of-navik-satellite-is-important-in-destroying-enemy-targets-maharaj/ https://garhbairat.com/the-role-of-navik-satellite-is-important-in-destroying-enemy-targets-maharaj/#respond Wed, 14 May 2025 11:37:48 +0000 https://garhbairat.com/?p=16818

भारतीय सेना के आगे धरे रह गये पाक के न्यूक्लियर वेपन्स

देहरादून। प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण,पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों के ठिकानों को चुन-चुनकर तबाह कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी एयर बेस और आतंकी ठिकानों को नष्ट करने में नाविक उपग्रह की भी अति महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने बताया कि नाविक उपग्रह एक स्वदेशी नौवहन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने विकसित किया है। यह नेविगेशन, समय निर्धारण और स्थिति निर्धारण सेवाएं प्रदान करता है। यह अमेरिका के जीपीएस (GPS) की तरह ही काम करता है। नाविक का उपयोग स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन, आपदा प्रबंधन, वाहन ट्रैकिंग और अन्य कई अनुप्रयोगों में किया जाता है। नाविक सैटेलाइट का एक नमूना मसूरी स्थित जार्ज एवरेस्ट के संग्रहालय में भी रखा गया है।

महाराज ने कहा कि इस आपरेशन में हमारी सेना की बहादुरी, कौशल और समर्पण ने एक बार फिर देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने आपरेशन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, एनएसएए अजित डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, नौ सेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी.सिंह, भारतीय सेना सभी अधिकारियों और सेना की भूमिका की सराहना करते हुए बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि आपरेशन सिंदूर की सफलता ने दिखा दिया है कि हमारी सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और वह देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है। भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और देश की जनता को गर्व महसूस कराया है। आपरेशन सिंदूर की सफलता में भारतीय वीरांगना कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसी महिला अधिकारियों की भूमिका भी अति महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने अपनी बहादुरी, कौशल और सूझबूझ से इस आपरेशन को अंजाम दिया है। पाकिस्तान द्वारा शुरू किए गए इस अघोषित युद्ध के पश्चात निश्चित रूप से भारत की शक्ति और प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है और भारत विश्व की एक महाशक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है।

महाराज ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत पर बार-बार न्यूक्लियर हमले की गीदड़ भपकी देने वाले पाकिस्तान के नूरखान एयर बेस पर भारतीय सेना के हमले के बाद उसके न्यूक्लियर वेपन्स धरे के धरे रह गये हैं। बताया तो यहां तक भी जा रहा है कि पाकिस्तान के किराना हिल्स पर स्थित उसके न्यूक्लियर वेपन्स भी भारतीय हमले की जद में आये हैं। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत में जिस प्रकार की कार्यवाही करते हुए पाकिस्तान के आतंकवादी व सैन्य ठिकानों को तबाह किया उससे न केवल विश्व को भारत की ताकत का पता चला है बल्कि पाकिस्तान को भी घुटने टेकने पर विवश होना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि “कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT)” द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान की मदद करने वाले देश तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का पूरी तरह से बहिष्कार का निर्णय उचित एवं स्वागत योग्य है।

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