Breaking News
नयार घाटी फिर बनेगी रोमांच का केंद्र, तीन दिवसीय फेस्टिवल की तैयारियां शुरू
नयार घाटी फिर बनेगी रोमांच का केंद्र, तीन दिवसीय फेस्टिवल की तैयारियां शुरू
जन्मदिन पर उत्सव नहीं, सेवा को समर्पित रहेगा सीएम धामी का दिन
जन्मदिन पर उत्सव नहीं, सेवा को समर्पित रहेगा सीएम धामी का दिन
सुप्रीम कोर्ट 7 अक्टूबर को सुनेगा बिहार एसआईआर पर अंतिम बहस
सुप्रीम कोर्ट 7 अक्टूबर को सुनेगा बिहार एसआईआर पर अंतिम बहस
“सांसद खेल महोत्सव-2025”- सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित हुई महत्वपूर्ण बैठक
“सांसद खेल महोत्सव-2025”- सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित हुई महत्वपूर्ण बैठक
लखवाड़ जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों को मिलेगा तीन गुना मुआवजा, शासन ने दी मंजूरी
लखवाड़ जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों को मिलेगा तीन गुना मुआवजा, शासन ने दी मंजूरी
मुख्यमंत्री धामी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन रामगुलाम से की मुलाकात
मुख्यमंत्री धामी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन रामगुलाम से की मुलाकात
‘बिग बॉस 19’ से नगमा मिराजकर और नतालिया का सफर खत्म, फैंस हुए निराश
‘बिग बॉस 19’ से नगमा मिराजकर और नतालिया का सफर खत्म, फैंस हुए निराश
ब्राजील के राष्ट्रपति ने अमेरिका पर साधा निशाना, कहा- “ब्राजील का लोकतंत्र बिकाऊ नहीं”
ब्राजील के राष्ट्रपति ने अमेरिका पर साधा निशाना, कहा- “ब्राजील का लोकतंत्र बिकाऊ नहीं”
अवैध निर्माण पर एमडीडीए का सख्त रुख, मसूरी में हर सेक्टर की होगी सख्त जांच
अवैध निर्माण पर एमडीडीए का सख्त रुख, मसूरी में हर सेक्टर की होगी सख्त जांच

सीपी राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति

सीपी राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति

एनडीए उम्मीदवार ने विपक्षी बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से दी मात

नई दिल्ली। भारत को नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने चुनाव में जीत दर्ज कर ली। उन्होंने विपक्षी गठबंधन इंडिया के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से हराया। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी 300 वोटों पर सिमट गए। अब राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। यह पद जुलाई से खाली पड़ा था, जब पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था।

उपराष्ट्रपति का पद भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में बेहद अहम माना जाता है। यह देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है, लेकिन नए उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक वे पद पर बने रहते हैं।

संविधान में यह स्पष्ट उल्लेख नहीं है कि यदि किसी कारण (जैसे इस्तीफा, मृत्यु) से कार्यकाल समाप्त होने से पहले पद रिक्त हो जाए या उपराष्ट्रपति अस्थायी रूप से राष्ट्रपति का कार्यभार संभालें, तो उनकी जिम्मेदारियों का निर्वहन कौन करेगा।

नई जिम्मेदारियों के साथ सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद से जुड़ी कई सुविधाएँ और वेतन-भत्ते भी मिलेंगे। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं, इसलिए उनकी भूमिका केवल औपचारिक नहीं बल्कि संसदीय कार्यप्रणाली को दिशा देने वाली होती है।

Back To Top