साहिया। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर एसएमआर जनजातीय पीजी कॉलेज साहिया में हिंदी पत्रकारिता पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकारिता कर रहे अनेक पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी भारत चौहान ने कहा कि जनता और सरकार के बीच पत्रकार सेतु का काम करते हैं, वह जन समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर अपनी लेखनी के माध्यम से कार्य करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि विषम कठिन परिस्थितियों में भी ग्रामीण स्तर पर पत्रकार अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
चौहान ने कहा कि पत्रकारिता हर दौर में चुनौतीपूर्ण विषय रहा है, आजादी की लड़ाई से लेकर उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलन में पत्रकारों का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के दौर में हर व्यक्ति पत्रकार है इसलिए तथ्यों की प्रमाणिकता और सत्य घटना पर आधारित समाज के उत्थान को लेकर पत्रकारिता की जानी चाहिए। सत्य को सामने लाना और बुराई का विरोध करना पत्रकार का उद्देश्य है।
इस मौके पर विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी एवं गढ़ बैराट के संपादक भारत चौहान, दैनिक जागरण के संवाददाता भगत सिंह तोमर, अमर उजाला के संवाददाता एसएस बिष्ट, ईटीवी भारत के टीकम वर्मा, तथा डीसीपी न्यूज़ के शांति वर्मा को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एसएमआर जनजातीय पीजी कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ० शशिकला, कमल सिंह नेगी, डॉ० प्रियंका जलाल, डॉ० चंद्रिका, डॉ० रश्मि आर्या, डॉ० रीना रांगड़, पूजा परिहार,रेखा , वरुण प्रसाद सेमवाल, पूनम चौहान, रीता तोमर, मुकेश तोमर, रितेश चौहान, नरेश चौहान, साहिल राय आदि उपस्थित रहे।

